तू एक मस्त मग्न सुनहरी चिड़िया थी जिसे आसमान की सातों तह के ऊपर उड़ने की चाह थी, और मैं एक ऐसा ज़ाहिल गवार शख़्स हूं जिसने तुझे पकड़ के पिंजरे में डाल दिया है, और उसपर मोहब्बत ...
वो चांद है उसकी ख्वाइश लाखों करते हैं मुझपे जितनी चांदनी गिरती है मुझे अपने हिस्से की वो चांदनी अच्छी लगती है, उसकी अलमारी में रखी दर्जनों ड्रेसेस रोज़ एक ही तमन्ना करती ह...
नाश्ते में अंडा और पानी ठंडा पसंद करता हूं, जो हर बात में सिर्फ हां ना करे वो बन्दा पसंद करता हूं। उछाल के कीचड़ जो तुम हंस रहे हो तुम्हे नहीं मालूम मैं लिबास गन्दा पसंद करत...
तेरी जुल्फों की गुदगुदी से तुम जगाना मुझे हर सुबह इसी तरह से तुम सताना मुझे। कोन सा रंग जचता है मुझ पर मेरी शर्ट का रंग तुम बताना मुझे। मैं अक्सर भूल जाऊं अपनी चीजों की जगह ड...