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Showing posts from August, 2019

Wo Chand Hai | Desh Kumar |

वो चांद है उसकी ख्वाइश लाखों करते हैं मुझपे जितनी चांदनी गिरती है मुझे अपने हिस्से की वो चांदनी अच्छी लगती है, उसकी अलमारी में रखी दर्जनों ड्रेसेस रोज़ एक ही तमन्ना करती ह...